Poems from India
Saturday, May 24, 2008
निगाहे
निगाहे यार कर के देखो,
दो आंखें चार कर के देखो
ये गुस्सा आप मानिंद बबूला गम जाएगा,
मेरी नज़रों से अपने प्यार को देखो
---- हिंद्कवि
दो आंखें चार कर के देखो
ये गुस्सा आप मानिंद बबूला गम जाएगा,
मेरी नज़रों से अपने प्यार को देखो
---- हिंद्कवि
Labels: hindi/Urdu, hindkavi, one liners, OS2i

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