Poems from India
Wednesday, February 13, 2013
ज़ेर ज़बर की साज़िश
कैसे करू दिल को बयान
दर्द भी है मीठा मीठा ,
खुशियों में भी आंसू जाम .
दिल की धड़कन शोर मचाए ,
सिले होठ अनसुनी सुनाए
अंखियों खोले परदे सारे ,
क्यों न समझे उनकी बोली
प्यार मेरा सच्चा या झूठा ,
जाने तू या , ना जाने कोई
इनकार तेरा दिल तोड़ के जाए ,
इक्रआर में दिल सीटी बजाए
हसियां तेरी , दिन बन जाए .
दर्द में तेरे दुनिया डूबी
तेरे बिन न में में हूं ,
तेरे संग है ज़न्नत मेरी
आजा , मेरे प्रीत में खो जा ,
हम बनाए अपनी होली
Labels: hindi/Urdu, hindkavi, OS2i, poem

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